Ek Subah Hogi Motivational Poem Covid-19 Awareness Poem

Ek Subah Hogi Motivational Poem Covid-19 Awareness Poem
एक सुबह होगी
जब लोगो के कंधो पर ऑक्सीजन सिलेंडर नही दफ्तर का बैग होगा।
गली में एंबुलेंस नही स्कूल की वैन होगी
और भीड़ दवा खानो पे नहीं चाय की दुकानों पर होगी।

एक सुबह होगी
जब पेपर के साथ पापा को काढ़ा नही चाय मिलेगी,
दादा जी बाहर निकल के बेखौफ पार्क में गोते लगाएंगे,
और दादी टेरेस पर नहीं मंदिर में जल चढ़ा के आएंगी।

एक सुबह होगी
जब हाथों में कैरम और लुडो नहीं बैट और बॉल होगा,
मैदानों में सन्नाटे नहीं शोर का भार होगा,
और शहरों की सारी पाबंदी हटेगी और फिर से त्योहार होगा।

एक सुबह होगी
जब जी भर के सबको गले लगाएंगे,
कड़वी यादों को दफन कर फिर से मुस्कुराएंगे,
और दुनिया को कह देंगे नजर झुका लो हम वापस आए है।

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5 Responses

  1. Sandeep says:

    By Sachin Pandey??? Are jiski poem hai use credit to de dete

  2. Manoj says:

    Great Bro. It’s a motivational poetry.

  3. Mohd. Anas says:

    Great Bro!

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