Halfa Macha Ke Gail Lyrics Ajay Pandey

Halfa Macha Ke Gail Lyrics Ajay Pandey. Aail Hitai Me U Chaar Din Khatir Baki Halfa Macha Ke Gail Is Bhojpuri Old Folk Song By Ajay Pandey.

Halfa Macha Ke Gail Lyrics
बनल गाँव के बिगड़ल छउड़ी अईली हमरा गाँव
पांव के पायल अईसन छनकवली
की गह गह करे मोरा गाँव
कुसुमे फुल अस गमकत देहिया
अरे कुसुमे रहे उनकर नाम
चार दिन में तहलका मचवली
पागल क के भगली गाँव

त दरद दिल के बढ़ा के गईल
त दरद दिल के बढ़ा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल

हो दरद दिल के बढ़ा के गईल
दरद दिल के बढ़ा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
अरे गईल हो बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
गईल हो बाकी हल्फ़ा मचा के गईल

गाँव के सुखड़िया के
गाँव के सुखड़िया के रही उ साली
गाँव के सुखड़िया के रही उ साली
देखे में भोला बाकी बड़की खेलाड़ी

गाँव के सुखड़िया के रही उ साली
देखे में भोला बाकी बड़की खेलाड़ी
देखे में भोला बाकी बड़की खेलाड़ी
रस अईसन चुआ के गईल हाय हाय
रस अईसन चुआ के गईल

ओकरा चक्कर में जे जे भी पडल
सबके चुना लगाके गईल
ओकरा चक्कर में जे जे भी पडल
सबके चुना लगाके गईल

हो दरद दिल के बढ़ा के गईल
हो दरद दिल के बढ़ा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल

घुमे खातिर अईली एक दिन हमरा घरे
घुमे खातिर अईली एक दिन हमरा घरे
हँसी हँसी बात हमसे लगली उ करे

घुमे खातिर अईली एक दिन हमरा घरे
हँसी हँसी बात हमसे लगली उ करे
हँसी हँसी बात हमसे लगली उ करे
रोग अईसन लगाके गईल
रोग अईसन लगाके गईल

कुछु भईबो ना कईल चार दिन में
पूरा टोला हिला के गईल
कुछु भईबो ना कईल चार दिन में
पूरा टोला हिला के गईल

हो दरद दिल के बढ़ा के गईल
दरद दिल के बढ़ा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
हो बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
हो बाकी हल्फ़ा मचा के गईल

ओह घरी हमरा अईसन बुझाईल
बिलकुल उनका से सच्चा प्रेम बा
कब बुझाईल, कहता

जाते जाते हाथ में थमा गईली पाती
जाते जाते हाथ में थमा गईली पाती
(आ जब चिठ्ठी के खोलनी ह,
त पढ़नी ह ओह में का लिखल रहे)

जाते जाते हाथ में थमा गईली पाती
लिखल रहे मिले खातिर अईह तू राँची
जाते जाते हाथ में थमा गईली पाती
लिखल रहे मिले खातिर अईह राजा राँची
लिखल रहे मिले खातिर अईह तू राँची

मुर्ख अईसन बनाके गईल
मुर्ख अईसन बनाके गईल
राँची के बदला में गोविन्द के
कांके के पता दे गईल
हो राँची के बदला में गोविन्द के
कांके के पता दे गईल

हो दरद दिल के बढ़ा के गईल
दरद दिल के बढ़ा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
हो आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल
हो आईल हितई में उ चार दिन खातिर
बाकी हल्फ़ा मचा के गईल

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