पुनर्वास के उद्देश्य और प्रकार, व केंद्र

पुनर्वास के उद्देश्य और प्रकार, व केंद्र Purpose Of Rehabilition Types & Rehabilitation Centre In Hindi
पुनर्वास किसी को उसकी पहले को मूल स्थिति को बहाल करने का एक कार्य है | यह जंगल के पुनर्वास की तरह है जिसे मनोरंजन पार्क बनाने के लिए साफ़ किया गया हो | संज्ञा शब्द “Rehabilitation” लैटिन उपसर्ग ‘Re – फिर से’ अर्थ दुबारा और ‘Habitation’ का अर्थ है ‘फिर बनाना’ | इस अर्थ  में पुनर्वास का अर्थ “फिर से फिट बनाना” है | पुनर्वास एक उपचार या उपचार के प्रकार है जिसका प्रयोग चोट या बीमारी से उबरने की प्रक्रिया को सरल बनाने में प्रयोग किया जाता है जिसमे  व्यक्ति को यथासम्भव सामान्य बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है |

पुनर्वास का उद्देश्य (Purpose Of Rehabilitation)-

पुनर्वास का उद्देश्य रोगी के कुछ या सभी शारीरिक संवेदी और मानसिक क्षमताओं को बहाल करना है जो चोट या बीमारी के करण खो गए थे | पुनर्वास में रोगियों की इन कमियों की भरपाई करने में सहायता की जाती है जो चिकित्सीय रूप से वापिस नहीं लायी जा सकती | इसे विभिन्न प्रकार की चोट रोग या बिमारियों में निर्धारित किया जाता है, जिसमे अंग विच्छेद जैसी शल्यक्रियाओं, गठिया, कैंसर, हृदय रोग, तंत्रिका सम्बन्धी समस्या, आर्थोपेडिक चोटों, रीढ़ की हड्डी की चोट, स्ट्रोक और हादसे में लगी मस्तिष्क की चोटें आदि शामिल है |

सावधानियाँ (Precaution)- पुनर्वास किसी प्रशिक्षित चिकित्सक के द्वारा किया जाना चाहिए | व्यायाम और दुसरे भौतिक हस्तक्षेप रोगी की कमी को ध्यान में रखकर दिए जाने चाहिए | रोगी में कमी का उदाहरण किसी अंग का न होना या उसमे कमी होना हो सकता है |

व्याख्या (Explaination)- एक सही और उपयुक्त पुनर्वास कार्यक्रम कई प्रकार की अक्षमता स्थितियों को बदल सकती है, या रोगी को उस कमी से जो चिकित्सकीय सुविधा से बदल नहीं सकती है, के साथ समायोजन करने में मदद कर सकती है | पुनर्वास रोगी की भौतिक और वातावरणीय आवश्यकताओं पर केन्द्रित होता है | यह रोगी के शारीरिक कार्यो को बहाल करके और / या रोगी के भौतिक और सामाजिक वातावरण को संशोधित करके प्राप्त किया जाता है | पुनर्वास के मुख्य प्रकार भौतिक, व्यावसायिक और वाक्-चिकित्सा है | प्रत्येक पुनर्वास कार्यक्रम रोगी को आवश्यकताओं के अनुरूप होता है और इसमें एक या अधिक चिकित्सा के प्रकार शामिल हो सकते है | रोगी का चिकित्सा आमतौर पर पुनर्वास टीम के साथ समन्वय करता है और रोगी को अधिकतम सहायता पहुँचाने का प्रयास करता है | पुनर्वास टीम के अंतर्गत शारीरिक, व्यावसायिक, वाक् या एनी चिकित्सक नर्स, इंजिनियर, भौतिकवि (भौतिक दवाईयों से सम्बंधित), मनोवैज्ञानिक अर्थोटिस्ट (घुमावदार या ख़राब आकार की हड्डियों को सीधा करने के लुए ब्रेसिज जैसे उपकरण बनाते है), प्रोस्थेटिस्ट (चिकित्सक जो कृत्रिम अंग या प्रोथेसिस बनाते है) और व्यावसायिक परामर्शदाता शामिल होता है | परिवार के सदस्य भी रोगी के पुनर्वास कार्यक्रम में अक्सर सक्रीय रूप से शामिल होते है |

पुनर्वास के विभिन्न प्रकार (Types Of Rehabilitation) –

पुनर्वास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग शारीरिक पुनर्वास और मानसिक विकारो, व्यंजन आदि से पीड़ित रोगी को चिकित्सा करने में किया जाता है  | पुनर्वास कार्यक्रम रोगी को उसके सामान्य जीवन में वापस लाने और आजीविका कमाने में मदद करता है | पुनर्वास अघात/सदमा से पीड़ित व्यक्ति की आवश्यकताओं अलग हो सकती है इसलिए यह कार्यक्रम व्यक्तिगत होता है | प्रत्येक रोगी पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है और उसके विकास की नियमित रूप से निगरानी की जाती है | आवश्यकताओं के अनुसार पुनर्वास कार्यक्रम को विभिन्न प्रकारों में विभाजित किया गया है |

  • व्यवसायिक पुनर्वास (Occupational Rehabilitation)-
    यह विशेष प्रकार का पुनर्वास कार्यक्रम उन पीड़ितों के लिए है जिन्होंने लकवाग्रस्त, स्ट्रोक या किसी दुर्भाग्यपूर्ण बड़ी दुर्घटना के बाद, कुछ महत्वपूर्ण कौशल खो दिए है | हमें अपने जीवन में हर रोज इन कौशलों की आवश्यकता होती है | इसके बिना जीवित रहना असंभव है | कौशल जैसे लिखना, पढना, खाना बनाना आदि हम इन कौशलों को खो सकते है | यदि हमारा मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है | इस कारण पीड़ित एनी व्यक्तियों के साथ बातचीत करने में रूचि खो देता है | इस प्रकार के रोगी को चिकित्सक, व्यावसायिक चिकित्सक के पास जाने की सलाह देते है | यह विशेष प्रकार के चिकित्सक नियमित भौतिक व्यायाम करने में रोगी की मदद करते है और दवाइयां से रोगी की मांसपेशियों को मजबूत बनाने की कोशिश करते है | रोगी को उनके परामर्शक और मनोवैज्ञानिक के द्वारा विशेष सुरक्षा की जाती है |
  • भौतिक पुनर्वास (Physical Rehabilitation)-
    इस प्रकार के पुनर्वास का प्रयोग हड्डी या मांसपेशियों की चोट से पीड़ित रोगी के लिए किया जता है | फिजियोथेरेपिस्ट कमर, गर्दन, कंधे आदि की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए सही व्यायाम की व्यवस्था कर मदद करते है | यह चोटें, दुर्घटना, खेल आदि के कारण हो सकती है | भौतिक पुनर्वास में बहुत सरे उपचार और तकनीक उपलब्ध है | रिकवरी का समय एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में अलग-अलग होता है और यह चोट पर भी निर्भर करता है | रोगी को नियमित रूप से व्यायाम के दिए गए पैटर्न का पालन करना होता है |
  • जलीय पुनर्वास (Aquatic Rehabilition)-
    यह एक नया पुनर्वास है, फिर भी यह जोड़ों की समस्या के इलाज में सफल है | चिकित्सक विभिन्न प्रकार के पानी के व्यायाम जैसे तैराकी, पानी में एरोबिक व्यायाम आदि देकर रोगियों का इलाज करते है | यह गठिया, जोड़ों में दर्द और लकवाग्रस्त, स्ट्रोक के व्यक्ति के पैरो को मांसपेशियों को ताकत, लचीलापन और गतिशीलता देने में मदद करता है | इस कार्यक्रम को एक व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार अनुकूलित किया जाता है और उसे चोट से उबरने के लिए इलाज ककिया जाता है ताकि उसका जीवन सामान्य हो सके |
  • संज्ञानात्मक पुनर्वास (Cognitive Rehabilitation)-
    इस प्रकार का पुनर्वास मस्तिष्क क्षति से प्रभावित रोगी को दिया जाता है | नियमित गतिविधियों मी आने मी उनकी मदद की जाती है | इनका उपचार न्यूरो मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण की सहायता से किया जाता है | इस कार्यक्रम में रोगी को परामर्शन और मानसिक व्यायाम कराया जाता है | यह कार्यक्रम मस्तिष्क की चोट के संज्ञानात्मक सामाजिक, नैतिक और भावनात्मक पहलुओं को देखता है जिसने रोगी को निर्भर बनाया है |
  • वोकेशनल पुनर्वास (Vocational Rehabilitation)-
    यह उन लोगो की मदद करने के लिए डिजाईन किया जाता है, जिन्हें रोजगार पाने में मुश्किल होती है या उसे वह कुछ स्थितिया जिनके कारण उनमे शारीरिक और मानसिक अपंगता आ जात्ती है जिसके कारण उसे बरकरार नहीं रख पाते है | इस पुनर्वास के अंतर्गत रोगी का शारीरिक और चिकित्सीय मूल्यांकन कर, नौकरी में नियुक्ति, नौकरी के लिए प्रशिक्षण आदि प्रदान किया जाता है |
  • वाक् चिकित्सा (Speech Therapy)-
    वाक् चिकित्ससा में रोगी को वाक् विकारो को या वाक् का वापिस बहाल करने में मदद की जाती हाई | वाक् चिकित्सा मस्तिष्क की चोट, कैंसर, न्यूरो मस्कुलर बीमारी, स्ट्रोक अन्य चोट या बिमारियों के बाद रोगी के पुनर्वास के लिए निर्धारित की जाती है | वाक् चिकित्सा का कार्यक्रम की अवधी रोगी की चोट या बीमारी और रोगी की प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है |
  • हृदय रोगियों का पुनर्वास (Cardiac Rehabilitation)-
    इस तरह का पुनर्वास उन लोगो के लिए डिजाईन किया जाता है जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं है | हृदय रोगियों को स्वस्थ जीवन जीने और तनाव कम करने के लिए शिक्षित किया जाता है | इन सबसे हृदय सही प्रकार से कार्य कर सकने में सक्षम होता है |

पुनर्वास केंद्र (Rehabilitation Centre)-

पुनर्वास की सेवाएं विभिन्न प्रकार की स्थितियों में प्रदान की जाती है, जिसमे नैदानिक और कार्यालय, अस्पताल में, सक्षम नर्सिंग होम, स्पोर्ट्स मेडिसिन क्लिनिक और कुछ स्वास्थ्य संगठन | कुछ चिकित्सक घर का दौरा भी करते है | सही पुनर्वास का चयन करने की सलाह रोगी की मेडिकल टीम की द्वारा दी जाती है |

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