Sabse Sundar Sapne Ram Lyrics Dr. Kumar Vishwas

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Sabse Sundar Sapne Ram Dr. Kumar Vishwas. Manavta Ki Khuli Aankh Ke Sabse Sundar Sapne Ram Poem Lyrics
हमारी सनातन परंपरा में ईश्वर के एक एक रूप की अनंत छवियॉं हैं। विविध विचारों से भरे इस विश्व में हम सबकी श्रद्धा व आस्था का स्तर एकदम अलग-अलग है अत: मेरे अपने इष्ट हैं, आपके अपने होंगे। अपने-अपने आराध्य को याद करते हुए सुनते और गुनगुनाते हैं अपनी-अपनी श्रद्धा की कथा कहता यह गीत

Sabse Sundar Sapne Ram Poem Lyrics
मानवता की खुली आँख के
सबसे सुन्दर सपने राम
जिह्वा वाणी अर्थवती
हो गयी लगी जब जपने राम

मात-पिता गुरुजन परिजन ने
अपने अपने देखे थे
मात-पिता गुरुजन परिजन ने
अपने अपने देखे थे

दुनिया भर ने देखे अपने
अपने अपने अपने राम
दुनिया भर ने देखे अपने
अपने अपने अपने राम

मानवता की खुली आँख के
सबसे सुन्दर सपने राम

सूरदास के रसिक शिरोमणि
मीरा के नटवर नागर
वाल्मीकि तुलसी कम्बन के
अपने अपने अपने राम
मानवता की खुली आँख के
सबसे सुन्दर सपने राम

अपने अपने अपने अपने
अपने अपने अपने राम
मानवता की खुली आँख के
सबसे सुन्दर सपने राम

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